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Tuesday, July 19, 2011

गुफ्तगू ...


तुम भी चुप थे और मिरे लब भी न हिल सके

आंखों ने इसी बीच में कुछ गुफ्तगू कर ली ।।


- ’जय’

Thursday, February 10, 2011

तेरे जाने के बाद...


तेरी अहमियत, ज़रुरत,मोहब्बत और जज्बात

सबका एहसास हुआ आज तेरे जाने के बाद
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जयकरन सिंह भदौरिया 'जय'